23 अप्रैल 2016 - 17:41
आतंकी संगठन के लीडरों के पास कितना धार्मिक ज्ञान?

ताज़ा शोध में यह तथ्य सामने आया है कि आतंकवादी गुटों के सरग़नाओं में, धार्मिक विषयों में ज्ञान का दावा करने के बावजूद धार्मिक मामलों का कोई ज्ञान नहीं होता।

ताज़ा शोध में यह तथ्य सामने आया है कि आतंकवादी गुटों के सरग़नाओं में, धार्मिक विषयों में ज्ञान का दावा करने के बावजूद धार्मिक मामलों का कोई ज्ञान नहीं होता।
अलआलम के अनुसार, ब्रिटेन से प्रकाशित अख़बार द टेलीग्राफ़ ने इस विषय से पर्दा उठाते हुए बल दिया कि धार्मिक व राजनैतिक भुगोल अध्ययन केन्द्र द्वारा कराए गए सर्वे के अनुसार, विभिन्न विषयों का ज्ञान रखने वाले चरमपंथी गुटों के सरग़नाओं की संख्या उन लोगों से दुगुना है जिन्होंने धार्मिक विश्वविद्यालय में धार्मिक विषयों का ज्ञान हासिल किया है।
इस अख़बार के अनुसार, चरमपंथी गुटों में शामिल ब्रितानी आतंकियों में अपने अन्य साथियों की तुलना में धार्मिक मामलों का ज्ञान कम है।
यह निश्कर्श, चरमपंथी गुटों के लगभग 100 सरग़नाओं के बारे में लगभग तीन महीने तक कराए गए शोध में सामने आया है।
इस शोध के अनुसार, आतंकवादी सरग़नाओं की ओर से धार्मिक विषयों का ज्ञान होने से संबंधित दावों के विपरीत, उनके पास धार्मिक विषयों का बहुत कम ज्ञान है।
मिसाल के तौर पर अलक़ाएदा के पूर्व सरग़ना ओसामा बिन लादेन ने आम स्कूल में शिक्षा नहीं हासिल की और फिर अर्थशास्त्र व प्रशासन के विषय का ज्ञान हासिल किया। उसके पास धार्मिक विषयों के ज्ञान का कोई सार्टिफ़िकेट नहीं था।
इस ब्रितानी अख़बार के अनुसार, शोध दर्शाते हैं कि चरमपंथियों को आकर्षित करने का सबसे अच्छा मार्ग व्यक्तिगत संबंध हैं। इन चरमपंथी गुटों के ज़्यादातर सदस्य इख़वानुल मुस्लेमीन जैसे चरमपंथी गुटों के सदस्य थे।
द टेलीग्राफ़ ने बल दिया कि चरमपंथी गुटों के विचार व आस्था में लोच होती है। इसके नतीजे में बहुत से चरमपंथी बड़ी आसानी से विभिन्न चरमपंथी गुटों में शामिल हो जाते हैं।